बरसाती डाईट प्लान...

बरसातों में खान-पान को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही तबियत बिगाड़ सकती है,इसलिए ख्याल रखें |
मानसून खुशनुमा मौसाम के साथ-साथ कई परेशानियां भी साथ लेकर आता है |इस दौरान लोग बीमार पड़ते हैं |खान-पान और साफ़-सफाई का खास ख्याल रखें |थोड़ी सी एहतियात बरतकर सेहत के साथ बारिश का आनंद भी ले सकते है |

ऐसा हो खान-पान

  • नाश्ते में ग्रीन टी के साथ पोहा,उपमा,परोंठे,इडली,स्प्राउट्स,ओट्स,दलिया,कार्नफ्लेक्स सेहत के लिए अच्छे होते हैं और भूख बदाते हैं |
  • लंच में तले-भुने खाने से बचे और इनकी जगह दाल व सब्जी के साथ सलाद और मिस्सी रोटी स्वाद के साथ-साथ भरपूर पोषण देगी |
  • लंच में ककड़ी का रायता भी ले सकते है |
  • शाम को ४-५ बजे मैंगो शेक लें |चाहे,तों इसमें पपीता भी मिला लें |पपीता विटामिन ऐ का अच्छा स्रोत होता है |जो बच्चे पपीता नहीं खाते उन्हें इस तरह से देना अच्छा रहेगा |
  • सूप सेहत के साथ साथ स्वाद में भी अच्छा लगता है |बरसाती मौसम में मिक्स वेज सूप अच्छा होता है और स्वादानुसार ऊपर से स्प्राउट डालकर भी सूप ले सकते हैं |
  • रात को खाना खाते समय सलाद या फ्रूट सलाद के साथ चपाती और सब्जी लें |ध्यान रहे,हलके भोजन के साथ मौसमी सब्जियों का सेवन ज्यादा लाभदायक साबित होता है |
  • रात को दूध जरूर लें |ध्यान रखें दूध ठंडा न पिए और गर्म दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलकर रोजाना रात को लें |ये पेट और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद होती है |
  • सब्जियों की ही तरह फलों में भी मौसमी फलों को चुने जैसे तरबूज,मौसमी ,खरबूज आदि |इसके सेवन से भरपूर मात्रा में पोषण मिलेगा |ध्यान रखें,बाजार से कटे हुए फल कतई न लें |

खानपान से जुडी बातें:

  • बरसात के दिनों में मौसम में काफी नमी रहती है,इसलिए प्यास कम लगती है |फिर भी पर्याप्त मात्र में पानी और लिक्विड डाईट लें |
  • निम्बू की शिकंजी का सेवन करें |इसमें मौजूद विटामिन सी बीमारियों से बचायेगा |
  • बारिश में शरीर में वाट यानी वायु की वृद्धि होती है,इसलिए हलके व शीघ्र पचने वाले व्यंजनों का सेवन करें |
  • दाल,सब्जियां व कम वसायुक्त आहार लें |
  • फलों को साबुत खाने के बजाय सलाद के रूप में खाएं |इस मौसम में फलों में कीड़े होने की सम्भावना रहती है |काटकर खाने से इस बात का अंदाजा हो जाएगा की फल सही हैं |
  • कोशिश करें बाहर का खाना न खाएं |खासतौर पर सडक-ठेलों पर बने व्यंजन सेहत बिगाड़ देते है |खाने के शौक़ीन हैं,तों घर पर साफ़-सुथरे तरीके से बनी चीज़े ही खाएं | 

मानसून में कैसे रखें आँखों का खास ध्यान...

उमस भरी गर्मी के बाद जैसे ही मानसून आता है तों हर कोई बारिश की फुहारों का आनंद लेना चाहता है,लेकिन बारिश का आनंद लेते समय अपनी  आँखों को नज़रअंदाज़ न करें  |मानसून की फुहारें जहां गर्मी से राहत प्रदान करती हैं,वहीं ये मौसम आँखों में होने वाले इन्फेक्शन,सताइ और खुश्क आँखों की समस्या लेकर आता है |

इन्फेक्शन के कारण:


  • इसके लक्षण १ से ३ सप्ताह तक रहते हैं |
  • इन्फेचं आँखों में जलन या सूजन से शुरू होता है |
  • आँखों से क्रीमी पानी निकलने लगता है |
  • आँखे लाल हो जाती है |
  • कई बार आँखों में दर्द भी होता है |
  • आँखों में छोटे छोटे लाल धब्बे दिखाई देने लगते हैं |

बचाव के तरीके:

  • इन्फेक्शन होने पर आँखों को आराम से धोएं व उन्हें ठंडक प्रदान करें |
  • डाक्टर की सलाह पर ही एंटीबायटिक आई ड्रॉप लें |
  • इन्फेक्शन होने पर धुप के चश्मों का प्रयोग किया जा सकता है |
  • अपनी मर्जी से आई ड्रॉप लेने पर उसमे मौजूद स्टेरायड आँखों को नुक्सान पहुंचा सकता है |
  • पीड़ित का तौलिया,रूमाल इस्तेमाल करने से भी स्वास्थ्य व्यक्ति इन्फेक्शन का शिकार हो सकता है |
  • परिवार का कोई सदस्य जो आँख में दवा डाले या खुद डालने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं |

ये पसीना भी बड़ी काम की चीज़ है भाई

अभी तक पसीने का कोई उपयोग नहीं रहा है,बल्कि इसके अप्रिय गंध से छुटकारा पाने के लिए स्त्री या पुरुष सभी तरह-तरह के साबुन,टेलकम पाउडर तथा डियोडरेंट आदि का प्रयोग करते हैं |

वैसे लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा की पसीना भी बड़े काम की चीज़ है ,महिलायों के मूड को पसीने द्वारा बदला जा सकता है | इस विषय पर अनुसंधान कार्य में लगे अनुसन्धान कर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान कुछ पुरुषों के पसीने को लेकर एक साथ मिला लिया |

इस अध्ययन में शामिल किये पुरुषों को पसीने के नमूने लेने से चार सप्ताह पहले उन्हें किसी डियोडरेंट को उपयोग करने से मना किया था |इस पसीने को २५ से ४५ साल तक की उम्र की महिलायों के उपरी होंठों पर लगाया गया तथा छे घंटे तक इन महिलयों के मूड का अध्ययन किया गया |इस अवधि में उन महिलाओं का मूड पहले से बेहतर पाया गया |उनका तनाव भी काफी कम हो गया था |

इतना ही नहीं,इन महिलायों में प्रजनन से संबंधित हार्मोनों के स्तर में वृद्धि भी हुई थी | वैज्ञानिकों को विशवास है की इस खोज से महिलायों की प्रजनन संबंधी समस्यायों को दूर करने में मदद मिलेगी |

इस तरह दें फर्नीचर को ब्राईट लुक...

घर में फर्नीचर सब तरह के होते हैं तों उन्हें अलग अलग कलर देकर ब्राईट लुक बना सकते हैं |हो सकता है इसमें हम कलरफुल कुशन का इस्तेमाल करें या फिर उस पर बिछाय गए कपड़ों का  |बड़े फर्नीचर को ब्राईट कलर से सजा कर बाकी सारे फर्नीचर पर लाईट कलर का इस्तेमाल कर सकते हैं |
इस तरह कमरा ज्यादा चमकदार दिखाई देगा जो आगंतुकों को आकर्षित करेगा |
  • पर्दे गहरे रंग के ही इस्तेमाल करें |गहरे,हलके या पेस्टल रंगों के कोम्बिनेशन  से आप घर के हर कमरे को नया लुक दे सकते हैं |
  • सोफे पर ब्राईट रंगों के कुशन रखें |सिक्वेंस वर्क किये हुए कुशन बहुत अच्छे लगते हैं |
  • चमकदार रंगों के कुशन अगर आप दीवारों से टिका देती हैं तों घर को एक एथनिक लुक देते हैं |
  • अगर आपको लगता है कि आपके बेडरूम में ब्राइटनेस  कि कमी है तों वहाँ कलरफुल पेटिंग टांग  दें |
  • बेड या कोर्नर  पर ब्राईट कलर के फ्लोरल या ज्योमेट्रीकल डिजाईन या मिरर वर्क के कुशन भी बहुत अच्छे लगते हैं |
  • यदि अपने घर को एथनिक लुक देना चाहते हैं तों क्लोथ वे ड्रेप के साथ कलर्स को मिलकर हर कोने को आप जगमगा सकती हैं |
  • लिविंग रूम के लिए  सिल्क अपहोल्स्त्री  से डेकोर  करें वरना आप उस दिन अपने फर्नीचर को सिल्क कि साडियां,दुपट्टों या स्टॉल्स से भी एक नया अंदाज़ दे सकती हैं|
  • गेंदे के फूलों कि लड़ियों को पर्दों के पास टांग  सकती हैं |
  • दरवाजों के डोर नाब्स पर कलरफुल रिबन लगाएं |
  • पर्दों,रेलिंग पर घुंघरू व घंटियाँ लटका सकती हैं |
  • पुरानी चूरियों कि माला बनाकर उसे आकर्षक कोर्नेर पिस कि तरह तैयार किया जा सकता है |
  • आप एक बड़ी सी मोमबत्ती भी कोने में रख सकती हैं |जिस पर गोल्ड से डीसाइन बना हो |
  • गुलाब कि पंखुरियों  को डालकर जगह जगह फ्लोटिंग केनडलस  रख सकती हैं |
  • कलर्ड बीड्स को क्रिस्टल बाउल में डालकर उसमे पानी भी डाल दें |
  • विभिन्न प्रकार के बीड्स से सजे लकड़ी के बारिक नक्काशीदार झरोखे पर भगवान कि मूर्तियां रख सकती हैं |इसमें आपके घर कि सज्जा में चार चाँद लग जायेंगे |
  • घर के कोनॉ में डेकोरेटिव थाली रख सकती हैं |बीड्स वर्क,घुंघरुओं से सजी थालिओं में भगवान कि मूर्ती और पूजा कि सामग्री रख सकती ह
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