Showing posts with label स्मृति शर्मा. Show all posts
Showing posts with label स्मृति शर्मा. Show all posts

शायरी...


चंद यादें सँभाल ली हमने, जिंदगी यूँ संवार ली हमने,
दिल में आई जो भावनाएं वही, अपने शब्दों में ढाल ली हमने,
************************
गम-ए-दौरां में अक्सर चश्मेतर भी सूख जाते हैं,

बुरे हालात में सब चाहने वाले भी रूठ जाते हैं|

नहीं हमको गिला तुमसे तुम्हारी बेवफाई का
भरी हो भीड़ जब तो हाथ अक्सर छूट जाते हैं||
***********************************
उनको पाने के लिए खुद को खो चुके थे हम,

उनकी चाहत में सुबहो-शाम रो चुके थे हम,

जिंदगी अपनी संवारेंगे चलो आज से हम,
हो गयी राहें जुदा उनसे ये अच्छा हुआ |
******************************
कोई ख्वाहिश कभी इस दिल में जगा कर देखो,

जिंदगी
बहुत हंसी है,मुस्कुरा कर देखो|

*********************************

तुम्हारा दर्द जरूरी है जिंदगी के लिए

जिगर का खून जरूरी है शायरी के लिए|

******************************
2leep.com