एक्वेरियम का कैसे रखें ध्यान...


अगर आप अपने घर में रखे एक्‍वेरियम को सजावट का साधन मात्र मानते है तो यह गलत है क्योंकि यह एक्‍वेरियम सजावट के साथ- साथ आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाने में भी सहयोग करता है। मछलियो के बारे में प्राचीन काल से ही विदीत है कि यह लक्ष्‍मी लाती हैं और इन्‍हे पालने वालों को धन की प्राप्‍ती होती है। इसी आधार पर प्राचीन काल से राजा महाराजा अपने किले में एक छोटा सा तालाब बनवाते थे और उसमे मछलियां पालते थे। 

आज हम आपको बताते है कि एक्‍वेरियम किस तरह से आपके जीवन में धन, वैभव, सुख, समृद्धि लाता है। एक्‍वेरियम पारिवार में प्रेमपूर्ण माहौल बनाए रखता है, परिवार में कलह आदि होने से बचाता है। एक्‍वेरियम में मछलियों का जल में विचरण करना, आपके विकास के मार्ग प्रसस्‍त करता है।यही नहीं अगर परिवार के उपर कोई विपत्ति आने वाली होती है तो मछलियाँ अपने ऊपर ले लेती हैं और एक्‍वेरियम में रखी किसी मछली की अकस्‍मात मौत हो जाती है। अगर आप जहाँ काम करते हैं वहां एक्‍वेरियम को रखते हैं तो आप में सदैव नयी उर्जा भरता रहेगा| एक्‍वेरियम मानसिक संतुष्‍टी, और दिमाग में नये और अच्‍छे विचार लाता है। 


एक्‍वेरियम किस दिशा में रखें, किस दिशा में न रखें :-


वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार एक्‍वेरियम को सदैव घर के उत्‍तर-पूर्व के कोने में रखें, कभी भी कमरे के मध्‍य या कमरे के बीच के टेबल आदि पर न रखें। एक्‍वेरियम को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। रात में कमरे की बत्‍ती बन्‍द करने के बाद भी एक्‍वेरियम की लाईट जलती रहनी चाहिए। इससे घर में किसी तरह बुरी रूहे या गलत ताकते या प्रेत आत्माएं प्रवेश नहीं कर सकती है
एक्वेरियम में रंग बिरंगी मछलिया हमे खूब भाती हैं |एक्वेरियम कि साज सज्जा का भी काफी महत्व होता है |लोग अक्सर एक्वेरियम सजाने के लिए तरह तरह के पौधे,लाइट्स और पत्थरों अदि का इस्तेमाल करते हैं |ये न भूले कि इन सब चीजों के गलत इस्तेमाल का प्रभाव मछलियों पर भी पड़ सकता है |एक्वेरियम से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानिए...

  • समय का ध्यान रखें:

हल्का गुनगुना पानी मछलियों कि सेहत के लिए सही माना  जाता है |इसलिए सामान्यतौर पर एक्वेरियम में आप ८ से १० घंटों तक लाईट  जला सकते हैं |यदि इससे ज्यादा समय तक लाईट  जली तो पानी जरूरत से ज्यादा गर्म हो जायेगा,जो मछलियों के लिए सही नहीं होता |

  • एक्वेरियम के पौधे:


एक्वेरियम में सजावटी पौधों कि जगह असली पौधे लगे हों,तो १२ घंटों तक लाईट  जला सकते हैं |क्यूंकि पौधों को फोटोसिंथेसिस करने के लिए रौशनी कि जरूरत पड़ती है |इसके बिना पौधे पंप नहीं सकते |

  • एक्वेरियम का आकार:

एक्वेरियम में किस तरह और कितनी लाइट्स लगानी चाहिए यह एक्वेरियम में किस तरह और कितनी लाइट्स लगानी चाहिए यह एक्वेरियम के आकार पर भी निर्भर करता है |यदि एक्वेरियम छोटा है,तो १०० वाट से छोटे बल्ब का प्रयोग करें |बड़े टेंकों के लिए बड़े बल्बों का प्रयोग करें|

  • पानी कि गर्माहट:

लाइट्स एक्वेरियम को रोशन करने के साथ साथ पानी गर्म करने का काम भी करती हैं |ध्यान रहें,पानी गर्म होगा,तो भाप बनकर उड़ेगा |वक्त-वक्त पर पानी का लेवल जांचते रहें|

  • दिन-रात का फर्क:

पूरे समय एक्वेरियम कि लाइट्स रोशन रहने से मछलियों को दिन और रात का पता नही चलता |वे चौबीस घंटे सक्रिए रहने लगती है |जो उनकी सेहत के लिए सही नही है |उन्हें पता ही नही चलता कि आराम करने का समय कब है |इसलिए दिन के समय लाइट्स खोलकर रखें ताकि मछलियों के दिन रात का हिसाब बना रहे |

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